Dost Ki Behan Ki Jabardast Chudai

हाय मैं महेश हूं, ये आज से 2 साल पहले की सच्ची घटना है.जब मैं

मैं 12वीं क्लास में था…पहले मैं आपको अपने बारे में बता दूं..मेरी उम्र 21 साल है

साल है और बात आज से 2 साल पहले की है मेरी हाइट 5;7 है और

मैं काफी सुंदर भी हूं चलो अब बातें तो बहुत होती रहेंगी मैं

मुद्दे पर आ जाते हैं.1 बार मैं और मेरा दोस्त मोहन.पढ़ाई कर रहे

वे मेरे घर पर…मैं पड़ाई में हमेशा उससे आगे रहता था और

हमेशा मुझसे ही पढ़ता था तो 1 दिन मोहन मुझसे कहने लगा कि यार तू

सब मुझे पसंद है उस्ताद है पड़ाई में तो बहुत अच्छा है और पड़ाई में मेरी

मदद भी करता है यार तू मेरा 1 काम करेगा क्या मैंने उससे पूछा की

क्या काम है..तो उसने कहा कि यार तू सपना को भी मदद कर दे मुझे

.सपना जो उसकी छोटी बहन का नाम था जो उसके साथ किराय के मकान में

रहती थी मैंने कहा कि यार जैसे तेरी छोटी बहन वैसे ही मेरी छोटी

बहन .मैं इस्तेमाल करूंगा, अगला दिन सेलेक्ट हुआ कि हम उसके घर में

पड़ेंगे तो रात को ठीक 8 बजे मैं उसका घर पहुंच गया उसकी छोटी

बहन मोनू ने दरवाजा खोला और मुझसे पूछा कि आप कौन हैं मैं

उपयोग करें कि मैं मोहन का दोस्त हूं और आज हम लोग आपके घर ही हैं

पड़ेंगे तो हमें अंदर आने के लिए कहा और मैं जाकर सोफ़े पर

बहुत गया पर वहां पर मुझे मोहन नहीं दिखाई दिया.तो मैंने उसे

पूछा कि मोहन कहां है तो उसने बताया कि वो कहीं गए हैं अभी आते

होंगे तो मैंने उसे फोन करके पूछा कि भाई तू कहां है तो उसने

मुझसे कहा कि भाई उसे आने में थोड़ी देर हो जाएगी और वो मोनू को

पढ़ना शुरू कर दे और मैं 1-2 घंटे में आ जाऊंगा…तो मैं उसके

कहने के बाद मोनू से कहा की मैं असल में तुम्हें पैदा करने आया हूं

…तो वो अपनी किताब ले कर मेरे साथ सोफ़े पर बैठ गई और मैंने इस्तेमाल किया

पैदा करना शुरू कर दिया….तभी अचानक पड़ते पड़ते मेरा ध्यान उसके

स्तन पर चला गया .लेकिन पहली ही नजर में दिल ने कह दिया की अब तो

इसके साथ सुहागरात बनाई है…क्या गजब की ब्रेस्ट थी उसकी .और

अंदर ब्रा अलग थी….क्या मोटी मोटी चुचिया थी उसकी…बस अब तो

मन में आ हिचकी थी कि आज तो सुहाग रात मनानी है चाहे कुछ भी हो

ओ जाये.तभी मैंने दोबारा मोहन को फोन किया कि भाई तू कहा है और

कब तक आएगा तो मोहन ने जवाब दिया की यार आज रात कहा ना आ

पाओ.तू बहुत वही पर सो जाना और सुबह चले जाना और उसने अपनी बहन

से भी यही कह दिया फिर क्या मेरी तो समझो जैसी लॉटरी लग गई

गाई…पड़ाने के बाद मैं मोनू से इधर उधर की बातें करने लग गया

.मैंने उससे पूछा कि तुम्हारा कोई बीएफ नहीं है क्या तो उसने कहा की कोई

उससे दोस्ती ही नहीं करता, क्योंकि सब दोस्त कहते हैं कि तू कुछ नहीं जानता

तो मैंने कहा तो इसमें क्या है वो सब कुछ तुम्हें मैं सिखाऊंगा अगर

तुम्हें कोई समस्या नहीं है तो वो तुरेंट मान गई….टैब मैं उपयोग

कहा की पहले तो वो कपडे उतारे.तो वो थोड़ा खराब हो गयी.टैब मैने उपयोग किया

समझा तो वो मान गई…फिर क्या था मैंने उसके स्तनों को दबाना शुरू किया

कर दिया….और फिर उसके होठों पर चुंबन शुरू की और मैंने फिर उसकी

पेंटी में हाथ दे दिया और फिर वो सिस्किया भरने लगी तब मैं समझ गया

गया कि वो गरम हो चुकी है अब डालने का मजा है फिर मैंने उसे

पूछा कि कुछ हो रहा है तो उसने कहा कि हां मुझे नशा हो रहा है

है…तब मुख्य उपयोग लंड मुँह में लेने के लिए कहा और उसने ये भी कहा

कि नशा इससे कम हो जाएगा क्या मजा आ रहा था उसे भी और मुझे

बस में।उसके बाद मैंने उसकी चूत को सहलाना शुरू किया और फिर क्या था

मेरा सुपाड़ा भी बस तयार था. बस फिर मैंने इंतज़ार किया बिना उसकी

चूत में लंड दे ही दिया और वो इतने जोर से चिल्लाई कि बस मुझे तो

लगा कि वो मर गई लेकिन फिर बाद में मुझे इस्तेमाल करने में भी मजा आ रहा है

आराम से वो ऊहह करती हुई सब कुछ करवा रही है जो मैं चाहता था

उसके बाद हम बाथरूम में 1 साथ नहाए गए फिर वहां भी यहीं

कार्यक्रम चला और फिर सारी रात यही कार्यक्रम चल रहा है आज भी

मेरे हमसे संपर्क है बस अब तो समझ लो वो मेरी परमानेंट ना होने वाली