मेरा नाम राहुल है। 20 साल का जवान लड़का, 5 फीट 9 इंच का कद, चौड़ा सीना, और 8 इंच का लंड जो हर औरत की चूत का दुश्मन था। ये कहानी मेरे पड़ोस की उस चाची की है, जिसने मुझे अपनी हवस का शिकार बनाया और फिर खुद मेरे लंड की दीवानी हो गई।
उसका नाम शालू था। 35 साल की उम्र, 38D-32-44 का फिगर, और एक ऐसी गांड जो चलते वक्त लहराती थी। शालू चाची के पति शराबी थे, रात को पीकर सो जाते थे। दो बच्चे थे, दोनों हॉस्टल में। शालू घर में अकेली रहती थी, और उसकी प्यासी चूत ने मुझे अपनी ओर खींच लिया।
हम गली में नए आए थे। पहले दिन शालू चाची घर पर चाय देने आईं। टाइट सलवार-कमीज में उनकी चूचियां बाहर निकलने को बेताब थीं। वो झुकीं, और उनका दुपट्टा गिर गया। मैंने उनके मम्मों को घूरा, वो मुस्कुराईं और बोलीं, “क्या देख रहा है, राहुल?” मैंने हंसकर कहा, “जो दिख रहा है, चाची!” वो आंख मारीं और चली गईं।
अगले दिन मैं उनकी छत पर गया। वो कपड़े सुखा रही थीं। हवा चली, और उनकी साड़ी उड़ गई। नीचे सिर्फ ब्रा-पैंटी। मेरी नजर उनकी चूत की उभरी रेखा पर अटक गई। वो हंसीं, और बोलीं, “आजा, पास से देख ले!” मैं पास गया, और उन्होंने मेरा हाथ अपनी चूचियों पर रख दिया। मैंने दबाया, वो सिसकारी भरी—“आह राहुल, मसल दे!”
उस दिन दोपहर को मैं उनके घर गया। पति काम पर था। दरवाजा खुलते ही शालू चाची ने मुझे अंदर खींचा और मेरे होंठ चूसने शुरू कर दिए। “चाची, ये क्या?” मैंने पूछा। “चाची नहीं, अपनी रंडी बोल!” वो बोलीं और मेरी पैंट उतार दी। मेरा 8 इंच का लंड देखकर वो पागल हो गईं। घुटनों पर बैठीं और लंड को मुँह में ले लिया। जीभ से चाटा, गले तक उतारा, और 10 मिनट तक चूसा। मैं उनके मुँह में झड़ गया, और वो सारा माल चाट गईं।
फिर उन्होंने साड़ी उतारी। नंगी शालू मेरे सामने थी। चूत गीली, मम्मे लटक रहे थे। मैंने उसे सोफे पर लिटाया और उसकी चूत चाटना शुरू किया। वो चिल्लाईं, “आह राहुल, चूस ले मेरी चूत को!” मैंने जीभ अंदर डाली, 15 मिनट तक चाटा, और वो दो बार झड़ गई। उसका रस मेरे मुँह पर था, मैंने सब चूस लिया।
मेरा लंड फिर खड़ा था। मैंने उसे घोड़ी बनाया और चूत में पेल दिया। “आह उह्ह मार डाल मुझे!” वो चीख रही थीं। मैंने उनकी गांड पर थप्पड़ मारे, बाल खींचे, और 20 मिनट तक चोदा। आखिर में उसकी चूत में माल छोड़ दिया। वो हांफ रही थीं, लेकिन बोलीं, “अभी गांड बाकी है!” मैंने तेल लिया, उसकी गांड में दो उंगलियां डालीं, फिर लंड सेट किया। टाइट छेद में धक्का मारा, वो चीखीं, “आह फट गई!” मैंने 25 मिनट तक गांड मारी, और अंदर झड़ गया।
रात को उनके पति घर आए। शराब पीकर सो गए। शालू चाची ने मुझे व्हाट्सएप किया, “आजा, बिस्तर गर्म है!” मैं उनके बेडरूम में घुसा। पति बगल में सो रहा था। चाची ने नाइटी उतारी और मेरे लंड पर टूट पड़ी। “चूस ले इसे!” मैंने कहा। वो लंड को लॉलीपॉप की तरह चाटने लगीं। फिर मैंने उन्हें पति के बगल में लिटाया और चूत में लंड डाला। वो सिसकारियां ले रही थीं—“उम्म अह्ह धीरे, वो जाग जाएगा!” मैंने स्पीड बढ़ाई, और 15 मिनट में उनकी चूत में झड़ गया।
अगले दिन सुबह वो मेरे घर आईं। मम्मी बाजार गई थीं। चाची ने दरवाजा लॉक किया और बोलीं, “आज तुझे शॉवर में चोदूंगी!” बाथरूम में हम नंगे हुए। मैंने उन्हें दीवार से चिपकाया, पानी की फुहारों के बीच उनकी चूत में लंड पेला। वो चिल्लाईं, “आह राहुल, और जोर से!” मैंने 20 मिनट तक चोदा, फिर उनके मम्मों पर माल छोड़ा। वो उसे मसलकर चाटने लगीं।
दोपहर को छत पर फिर मुलाकात हुई। वो झुककर कपड़े उठा रही थीं। मैंने पीछे से साड़ी उठाई और उनकी गांड में लंड डाल दिया। खड़े-खड़े 15 मिनट तक चोदा, वो दीवार पकड़कर सिसकारियां ले रही थीं—“उह्ह राहुल, फाड़ दे मेरी गांड!” मैंने माल उनकी गांड में छोड़ दिया।
एक दिन उनके पति ने हमें देख लिया। वो चिल्लाया, लेकिन शालू चाची ने उसे थप्पड़ मारा और बोलीं, “चुप रह, तेरा कुछ नहीं बिगड़ता!” फिर मेरे सामने पति को गालियां दीं और बोलीं, “राहुल, इसके सामने चोद मुझे!” मैंने उन्हें टेबल पर लिटाया, पति सामने बैठा था। मैंने उनकी चूत में लंड डाला, जोर-जोर से धक्के मारे। वो चीख रही थीं, “आह राहुल, दिखा इसे कि मर्द क्या होता है!” 25 मिनट तक चोदा, और उनके मुँह में झड़ गया। पति चुपचाप देखता रहा।
हफ्ते भर बाद उनके पति फिर गए। अब शालू चाची मेरे घर आतीं। रात को मेरे बिस्तर पर नंगी लेटतीं, और मैं उन्हें हर पोज में चोदता। कभी 69 में चूत-लंड चूसते, कभी कुतिया बनाकर गांड मारता। एक रात तो मैंने उनकी चूत में वाइब्रेटर डाला और लंड उनकी गांड में पेला। वो पागल हो गईं—“आह राहुल, मार डालोगे क्या!” 30 मिनट तक डबल अटैक चला, और वो तीन बार झड़ीं।
हर दिन नया खेल होता। कभी किचन में चोदता, तो कभी गली के कोने में खड़े-खड़े पेलता। एक बार तो उन्होंने मुझे अपनी सहेली के सामने चोदा। सहेली देखती रही, और शालू चाची बोलीं, “देख, मेरा शेर कैसे चोदता है!” मैंने 20 मिनट तक चूत मारी, और सहेली के सामने माल छोड़ दिया।
तीन महीने तक ये सिलसिला चला। शालू चाची मेरी चुदक्कड़ रानी बन गईं। उनकी चूत, गांड, मुँह—हर छेद मेरा गुलाम था। पति को जब पता चला, तो वो घर छोड़कर भाग गया। अब शालू चाची मेरे साथ रहती हैं। दिन-रात चुदाई का दौर चलता है। वो मेरी हवस की आग हैं, और मैं उनका चोदू बादशाह।