रंडी रानी: पड़ोस की आग

मेरा नाम विक्की है। 19 साल का हट्टा-कट्टा लड़का, 5 फीट 8 इंच का कद, और 7 इंच का लंड जो हर वक्त आग उगलता है। ये कहानी मेरे पड़ोस की उस औरत की है, जिसने मुझे अपनी चूत का गुलाम बना दिया।

उसका नाम रानी था। 38 साल की माल, 36DD-30-40 का फिगर, और चाल ऐसी कि लंड अपने आप सलामी देने लगे। उसका पति ट्रक ड्राइवर था, महीनों घर से गायब रहता था। रानी अकेली थी, और उसकी आंखों में वो भूख थी जो किसी जवान लौंडे को बर्बाद कर दे।

हमारा परिवार उनके बगल वाले मकान में किराए पर आया था। पहली मुलाकात में ही रानी ने मुझे घूरा, जैसे मेरा जिस्म नाप रही हो। एक दिन छत पर कपड़े सुखाते वक्त उसने अपनी साड़ी का पल्लू गिराया। 36DD के मम्मे ब्लाउज में कैद, लेकिन बाहर निकलने को बेताब। मेरा लंड टनक गया। वो हंसी, और बोली, “क्या देख रहा है, विक्की?” मैंने कहा, “जो दिख रहा है!” उसने आंख मारी और चली गई।

अगले दिन वो मेरे घर आई। मम्मी-पापा काम पर गए थे। बोली, “विक्की, मेरे घर का नल खराब है, देख देगा?” मैं उसके पीछे गया। उसने टाइट नाइटी पहनी थी, गांड मटक रही थी। नल ठीक करने के बहाने मैं झुका, तो उसने पीछे से मुझे दबोच लिया। उसकी चूचियां मेरी पीठ से चिपक गईं। मैं पलटा, और उसने मेरे होंठ चूस लिए।

“रानी आंटी, ये क्या?” मैंने पूछा। “आंटी मत बोल, रंडी बोल!” उसने कहा और मेरी पैंट खींच दी। मेरा 7 इंच का हथियार बाहर आया, वो घुटनों पर बैठ गई और लंड को मुँह में ले लिया। 5 मिनट तक चूसा, गले तक उतारा, और मैं उसके मुँह में झड़ गया। वो सारा माल पी गई।

फिर उसने नाइटी उतारी। नंगी रानी मेरे सामने थी—चूत गीली, मम्मे उछल रहे थे। मैंने उसे बिस्तर पर पटका और उसकी चूत चाटना शुरू किया। वो चिल्लाई, “आह विक्की, चाट ले मेरी जान!” 10 मिनट तक चाटने के बाद वो झड़ गई, और मैंने उसका रस चूस लिया।

अब मेरा लंड फिर तैयार था। मैंने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से चूत में पेल दिया। “आह उह्ह मार डालो मुझे!” वो चीख रही थी। मैंने स्पीड बढ़ाई, उसकी गांड पर थप्पड़ मारे, और 15 मिनट तक चोदा। आखिर में उसकी चूत में झड़ गया। वो हांफ रही थी, लेकिन बोली, “अभी तो शुरूआत है।”

रात को वो मेरे घर आई। मैं अकेला था। उसने दरवाजा खोला और सीधे मेरे लंड पर टूट पड़ी। “चल, आज गांड मार!” उसने कहा। मैंने तेल लिया, उसकी गांड में उंगली डाली, फिर लंड सेट किया। टाइट थी, लेकिन एक धक्के में अंदर। वो चीखी, “आह मर गई!” मैंने 20 मिनट तक गांड मारी, और उसकी गांड में माल छोड़ दिया।

सुबह उसने मुझे छत पर बुलाया। वहां खड़े-खड़े मैंने उसकी चूत में लंड डाला। वो दीवार से चिपकी थी, और मैं पीछे से पेल रहा था। “विक्की, रोज चोदना मुझे!” वो सिसकारियां ले रही थी। 10 मिनट में हम फिर झड़े।

दिन में वो बाथरूम में नहाते वक्त मुझे बुलाती। मैं उसे नंगा नहलाता, चूचियों को मसलता, और शॉवर के नीचे चोदता। रात में उसके पति के बिस्तर पर ही उसे कुतिया बनाकर पेलता। एक बार तो उसने मेरे लंड को अपनी चूत में डालकर वीडियो कॉल पर किसी दोस्त को दिखाया, और बोली, “देख, मेरा नया माल!”

दो महीने तक ये सिलसिला चला। चूत, गांड, मुँह—हर जगह मैंने रानी को चोदा। वो मेरी रंडी बन गई, और मैं उसकी आग का ईंधन। एक दिन उसका पति लौटा, लेकिन रानी ने उसे नशे की गोली देकर सुला दिया, और मेरे साथ रात भर चुदाई की।

अब भी मौका मिलते ही मैं रानी की आग बुझाता हूं। वो मेरी प्यासी रंडी है, और मैं उसका चोदू राजा।